लखनऊ में मां का एक दरबार ऐसा भी है, जहां मां पांच जीवों के मुंड पर विराजी है। वो मंदिर है 155 साल पुराना काली बाड़ी मंदिर, जहां मां बंगाली परंपरा के अनुसार अगस्त, 1863 से सिद्ध पीठ के रूप में विराजमान है।
शारदीय नवरात्र में यहां महिषासुर मर्दिनी का विशेष पाठ होता है। शिव स्वरूप में मां की प्रतिमा घास फूस और काली मिट्टी से बनाई गई है। भक्त बताते हैं कि मां की दिन में सुबह और शाम विशेष आरती होती है।
काली बाड़ी मंदिर टेंपुल ट्रस्ट के अजय बोस ने बताया कि बंगाली परंपरा के अनुसार मां यहां पांच जीवों के मुंड पर विराजी हैं। जब मां की स्थापना हो रही थी तब सांप, नेवला, वानर, एक पक्षी समेत कुल पांच जीवों के मुंडों की आधारशिला पर मां की स्थापना हुई।