ताऊ ते का असर उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बुधवार को रहा। लखनऊ समेत सभीजगह बारिश रिकार्ड की गई है। 20 मई को भी चक्रवात का असर बना रहेगा और कहीं हल्कीतो कहीं भारी बारिश के आसार हैं। हालांकि मौसम बुलेटिन के मुताबिक, बारिश का असरपश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में ज्यादा रहेगा। वहीं अगले दिन यानी 21 मई से चक्रवातका असर कम होने के आसार बताए जा रहे हैं।
वहीं चक्रवात के असर को लेकर मौसमविज्ञानियों का अपना अलग-अलग मत है। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक काकहना है कि चक्रवात के चलते मानसून पर कोई असर नहीं आएगा, जबकि बीरबल साहनीपुरावनस्पित अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवात की प्रवृत्तिको समझें तो यह आने वाले वक्त में बारिश को कमजोर कर सकता है।
मौसम बुलेटिनके मुताबिक लखनऊ में 9.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई, जबकि हरदोई में 15.4, बहराइच13.4, बांदा में 14.6, फैजाबाद में 17, फुरसतगंज में 23, मेरठ में 13.6 मुरादाबादमें 10, मिमी बारिश रिकार्ड की गई। सबसे ज्यादा बारिश सुल्तानपुर में 28.6 मिमीरही। सबसे कम आगरा में 1.3, कानपुर नगर व हमीरपुर में 2 मिमी बारिश ही रिकार्डहुई। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक, बृहस्पतिवारको भी प्रदेश में गरज के साथ बौछारें पड़ने और, अंधड़, 30-40 की रफ्तार से हवाएंचलने के आसार हैं।
अवध में भी दिखा असर
देश के पश्चिमी तटीय राज्यों में आए ताउते तूफान का असर बुधवार को अवध के जिलों में भी देखने को मिला। सभी जिलों में जहां दिन घने बादल छाए रहने के साथ दिन कभी हल्की तो कभी तेज बारिश का सिलसिला चलाता रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे बादल छाए रहेंगे व बारिश भी होने के आसार हैं।
अयोध्या में बुधवार सुबह से काले घने बादल छाए रहे और हवा के साथ रिमझिम बरसात होती रही। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के प्रसार निदेशालय के निदेशक डॉ. एपी राव ने बताया कि कई दिन से लगातार बारिश एवं मौसम विभाग द्वारा ताउते तूफान का उत्तर प्रदेश में पहुंचने का अलर्ट जारी किया गया है। कई किसानों ने वर्तमान में लता वाली सब्जियां जैसे लौकी, कद्दू , करेला, तोरई, परवल आदि की खेती समतल जमीन पर की है। जिससे जलभराव या अधिक पानी के कारण पौधे का पीलापन बढ़ना एवं रोग तथा कीट की संभावना अधिक बढ़ गई है।
अंबेडकरनगर में भी बारिश का सिलसिला दिनभर चला यहां बारिश ने गन्ना किसानों के चेहरे पर चमक ला दी है। उनका मानना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी प्रकार से आगे भी जारी रहा, तो धान की बेरन तैयार करने के लिए खेत की जुताई बेहतर ढंग से हो सकेगी। हालांकि लगातार हो रही बारिश ने सब्जी व मेंथा किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। सुल्तानपुर-अमेठी और रायबरेली में बारिश का क्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। कल जहां सिर्फ बूंदाबांदी हुई थी वहां आज रुक-रुक कर तेज बारिश देखने को मिली। उधर बाराबंकी, गोंडा, बहराइच और श्रवास्ती बलरामपुर से भी बारिश की सूचना है।