लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नोएडा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अभय मिश्रा और शम्स ताहिर खान उर्फ तुषार के रूप में हुई है। जबकि इनका एक साथी गौरव अभी फरार है। आरोपी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से कॉल करवाकर देश को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे थे। साथ ही, देश की सुरक्षा से खिलवाड़ भी कर रहे थे।
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि अवैध तरीके से टेलीफोन एक्सचेंज संचालित कर विदेशों में बात कराकर देश को आर्थिक क्षति पहुंचाने की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं। इसी क्रम में नोएडा के सेक्टर-153 स्थित अर्बटेक एनपीएक्स मॉल में आल सोल्यूशन सर्विस के नाम से अवैध एक्सचेंज चलने की जानकारी मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए यूपी एटीएस ने एक्सचेंज संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
यूपी एटीएस ने शनिवार को नोएडा पुलिस व डिपार्टमेंट आफ टेलीकॉम की संयुक्त टीम बनाकर छापे मारे। इस दौरान इंटरनेट गेटवे बाईपास कर वायस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल (वीओआईपी) कॉल को वायस कॉल में परिवर्तित कर विदेशी नंबरों से बात कराई जा रही थी। यहां से अभय व शम्स को गिरफ्तार कर नॉलेज पार्क थाने में मामला दर्ज कराया गया। दोनों अपना नाम बदलकर यह धंधा कर रहे थे। आरोपियों ने वोडाफोन से 100 चैनल का पीआरआई सर्वर लिया था।
यहां ट्राई के नियमों का उल्लंघन कर विदेश से आने वाली इंटरनेट कॉल को वायस कॉल में परिवर्तित कर भारत में संबंधित से बात कराई जाती थी। भारत के जिस व्यक्ति के नंबर पर बात होती थी उसके मोबाइल पर देश का ही कोई नंबर प्रदर्शित होता था, जबकि कॉल किसी अन्य देश से हो रही होती है। इससे न सिर्फ भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था, बल्कि देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा था।
ग्लोबल मार्केट बनाने के लिए लंदन और यूके में बना रखी थी फर्जी कंपनी
एडीजी कानून व्यवस्था ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने ग्लोबल टेलीकॉम मार्केट में धंधे की साख बढ़ाने के लिए फर्जी तरीके से वेबसाइटों की मदद एक आईपीजीएबी नेटवर्क लिमिटेड नामक बोगस कंपनी लंदन व यूके में पंजीकृत करा रखी थी। वीओआईपी कॉल ट्रैफिक लेने व देने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसका विज्ञापन दिया गया था।
यह हुई बरामदगी, रिमांड पर लेगी एटीएस
एटीएस को एक लैपटॉप, 3 राउटर, 1 डी लिंक स्विच, विभिन्न एडॉप्टर, पॉवर केबल, इथरनेट पोर्ट, 2 टर्मिनेशन बॉक्स, आप्टिकल फाइबर केबिल, मोबाइल फोन, सिमकार्ड, एपल वॉच, एक डांगल, 8 एटीएम डेबिट कार्ड व पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। एटीएस आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी। एटीएस पता लगाने की कोशिश करेगी कि यह लोग इस धंधे में कब से शामिल हैं, इनके और कौन-कौन साथी हैं। अवैध कारोबार से कितनी संपत्ति या पैसा इन लोगों ने एकत्र किया और कहां निवेश किया। इस कारोबार का प्रशिक्षण कहां से लिया गया।
कंप्यूटर मास्टर है अभय, शम्स को मार्केटिंग का अनुभव
नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के एनपीएक्स मॉल की छठी मंजिल से एटीएस के हत्थे चढ़ा अभय मिश्रा कंप्यूटर के संबंध में अच्छी खासी जानकारी रखता है। उसने जयपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है। जयपुर में पढ़ाई के दौरान ही अभय की मुलाकात शम्स ताहिर खान से हुई थी जो कम्यूनिकेशन मार्केटिंग का काम करता था, लेकिन आरोपियों को फर्जीवाड़े के संबंध में जानकारी फरार आरोपी गौरव ने दी थी। एटीएस के पकड़ने के बाद नॉलेज पार्क थाना प्रभारी संजय सिंह और एसआई बृज यादव की टीम ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।
नॉलेज पार्क थाना पुलिस के सूत्रों ने जानकारी दी है कि आरोपियों ने जून में मॉल में एग्रीमेंट कर शॉप किराये पर ली थी। इसके बाद ही आरोपियों ने फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। अभय की पढ़ाई के दौरान ही शम्स से गहरी दोस्ती हो गई थी। एक बार अभय लखनऊ में मित्र के पास गया था और उसने अभय को फरार आरोपी गौरव के कमरे पर रुकवाया। उस दौरान ही गौरव ने अभय को फर्जीवाड़े और मोटे मुनाफे की जानकारी दी। इसके बाद अभय तकनीकी काम संभालने लगा और शम्स मार्केंटिंग का काम देखने लगा, गौरव ने आर्थिक आदि मदद की। गौरव 1 जुलाई को गुजरात में परिवार की एक शादी में शामिल होने गया था। इसके बाद अभी वापस नहीं लौटा।