सरेनी पुलिस व स्वाट टीम ने शुक्रवार को छापा मारकर एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां से प्रधान समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया, जबकि एक बदमाश फरार हो गया।
पकड़े गए बदमाशों में से दो उन्नाव जिले के रहने वाले हैं, जबकि एक फतेहपुर जिले का रहने वाला है। यहां से पुलिस ने कई असलहे व अन्य सामान बरामद किया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया है। यह अवैध फैक्ट्री सिंघौरताला के जंगल में दूध डेयरी में चल रही थी।
एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सिंघौरताला के जंगल में एक दूध डेयरी में असलहा फैक्ट्री चल रही थी। मुखबिर की सूचना पर रात में एसओ राकेश सिंह, स्वाट टीम प्रभारी जेपी यादव ने पुलिस टीम के साथ छापा मारकर फैक्ट्री पकड़ी।
इस दौरान यहां से गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे फतेह बहादुर मजरे डोमापुर गांव निवासी सोनू यादव उर्फ संदीप कुमार यादव, उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र के मोइद्दीनपुर गांव निवासी राजकुमार धानुक, बिहार थाना क्षेत्र के खिझौली गांव निवासी राजकुमार पासी, खीरों थाना क्षेत्र के शीतलबख्शखेड़ा मजरे कसौली गांव निवासी राजेश कुमार गौतम को पकड़ा गया है।
पकड़े गए लोगों में से राजेश कुमार मौजूदा ग्राम प्रधान भी है। वहीं फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र के मौहन गांव निवासी राम प्रताप विश्वकर्मा मौके से भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि इन सभी के पास से आठ तमंचे. पांच मशीनें, सात अर्द्धनिर्मित तमंचे व अन्य सामान मिला है। एसपी का कहना है कि मुख्य आरोपी सोनू यादव जंगल में दूध डेयरी चलाने के बहाने उसमें असलहा बनाता था। इससे किसी को शक नहीं होता था।
आठ हजार से 14 हजार में बेचते थे असलहे
एसपी सुनील सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी सोनू यादव ने बताया है कि वह काफी दिनों से असलहे की तस्करी कर रहा है। एक असलहा आठ हजार से 14 हजार रुपये के बीच बेचा जाता था। एसपी के मुताबिक रायबरेली के अलावा फतेहपुर, उन्नाव, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर में जाकर असलहे बेचते थे। सोनू यादव पूर्व में धोखाधड़ी के मामले में जेल भी जा चुका है।
ग्राम प्रधान ने खरीदा था तमंचा
एसपी ने बताया कि ग्राम प्रधान ने अपनी सुरक्षा के लिए अवैध असलहा आठ हजार में खरीदा था। साथ ही अन्य कई लोगों को असलहा खरीदवाने की बात भी कही थी। एसपी का कहना है कि कई अन्य लोगों ने भी यहां से असलहे खरीदे हें। उनके नाम पता लगाए जा रहे हैं। इन सभी को चिह्नित किया जा रहा है।