रायबरेली। सरेनी कस्बा स्थित जनता नर्सिंगहोम को शनिवार सुबह सील कर दिया गया। यह अस्पताल बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था। प्रसूता की मौत के बाद लालगंज तहसील और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरेनी पहुंचकर अस्पताल को सील करा दिया। अस्पताल संचालक के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बीती 16 मार्च को चंद्रमा खेड़ा गांव के रहने वाले प्रमोद कुमार की गर्भवती बहन निशा वाजपेई को प्रसव के लिए जनता नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। 17 मार्च की रात को डॉक्टर ने सिजेरियन किया। प्रसव के बाद निशा की हालत बिगड़ने लगी। हालत नाजुक होने के बाद अस्पताल संचालक डॉ. अमर चौधरी प्रसूता को जिला मुख्यालय के एक नर्सिंग होम पहुंचाने के बाद भाग गया। हालत में सुधार न आने पर प्रसूता को लखनऊ पहुंचाया गया, जहां 22 मार्च को उसकी मौत हो गई।
शनिवार को तहसीलदार लालगंज मंजुला मिश्रा, एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की टीम ने सरेनी पहुंचकर अवैध अस्पताल को सील कराने के साथ ही संचालक पर मुकदमा दर्ज करा दिया। एसीएमओ ने बताया कि डॉ. अमर के पास कोई डिग्री नहीं है। अस्पताल का लाइसेंस भी नहीं लिया गया। मामले में अवैध अस्पताल संचालक के खिलाफ सरेनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।