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यूपी में धर्मांतरण: इस्लामिक राष्ट्र बनाने का था मंसूबा, मूर्ति पूजा के खिलाफ बनाए वीडियो; एटीएस को मिले सुराग

Mon, 21 Jul 2025 06:10 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Illegal conversion in UP: अवैध धर्मांतरण के मामले में पकड़े गए आरोपियों से एटीएस को अहम सबूत मिले हैं। आरोपी सोशल मीडिया पर इस्लामिक राष्ट्र की मुहिम चला रहे थे। 
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धर्मांतरण गिरोह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा अवैध धर्मांतरण सिंडीकेट में शामिल आरोपी सोशल मीडिया पर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की मुहिम चला रहे थे। वह बुतपरस्ती की खिलाफत करने के लिए पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूजा पाठ करने के वीडियो भी डालकर बताते थे कि इस्लाम में मूर्ति पूजा वर्जित है। उनके पास से मिले संदेशों में कई मंदिरों का जिक्र भी है, जिन्हें मुस्लिम आक्रांताओं ने ध्वस्त किया था।

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एटीएस और आगरा पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस सिंडीकेट से जुड़े लोग सोशल मीडिया के अधिकतर प्लेटफाॅर्म पर खासा सक्रिय थे और हिंदू मान्यताओं और रीति-रिवाजों का विरोध करते थे। उनके तमाम ऐसे वीडियो पुलिस के हाथ लगे हैं, जो खासे आपत्तिजनक और भड़काऊ हैं। इनमें वह हिंदुस्तान को बर्बाद करने की धमकी देते नजर आ रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि यह अवैध धर्मांतरण के साथ कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार की सुनियाेजित साजिश का हिस्सा है।

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50 लोग हैं पुलिस के रडार पर

धर्मांतरण गिरोह का आतंकी कनेक्शन भी पुलिस को पता चला है। अभी तक की जांच के बाद 50 से अधिक लोग रडार पर हैं। पकड़े गए आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट खंगाले जा रहे हैं। उनके मोबाइलों में कई वीडियो मिले हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इन वीडियो को शेयर किया जाता था। कुछ वीडियो भड़काऊ हैं। इसमें देश के लोगों में जहर घोलने की साजिश की पुष्टि हो रही है। इससे पुलिस भी सकते में हैं।

कनाडा में रहने वाला सैय्यद दाऊद गोवा की आयशा को फंडिंग करता था। धर्मांतरण गिरोह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में लगी है। पुलिस को कई वीडियो मिले हैं। इनमें कुछ देश के लिए विरोधी बातें करने वाले हैं। पुलिस के अनुसार एक वीडियो में राम मंदिर का उद्घाटन दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में जा रहे हैं। वह सीढि़यों पर प्रणाम करते हैं। इसी वीडियो में दूसरा सीन भी आता है, जिसमें ताजमहल दिख रहा है।

पीछे से एक वायस चल रही हैं। इसमें सुना जा सकता है कि ये तारीख है इस्लामी ये रिश्ते जोड़ने होंगे। बहुत से बन चुके हैं सोमनाथ अब तोड़ने होंगे आदि कई सारी बातें बोली जा रही हैं। इसके अलावा भी कई वीडियो हैं, जिनमें विशेष रूप से लोगों को देश के खिलाफ भड़काने की साजिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि धर्मांतरण करने वालों को इसी तरह के वीडियो दिखाकर अपने पक्ष में गिरोह कर रहा था।

एक बार कोई शामिल हो आ जाता था तो वह फिर वापस नहीं चला जाए, इसके लिए काम, घर और पैसा सारी जरूरतों को पूरा कर दिया जाता था। सिर्फ युवतियां ही नहीं, युवक भी धर्मांतरण में शामिल रहते थे। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि वीडियो देखे जा रहे हैं। यह कब और कहां बनाए गए हैं? इसकी पड़ताल के लिए टीम लगी है।
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