ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पास चल रहा अवैध बस अड्डा
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन निगम के समानांतर डग्गामार सिंडीकेट ने अपना ‘भ्रष्टाचार निगम’ बना लिया है। इसमें सिंडीकेट, प्रवर्तन इकाई के चुनिंदा अफसर एवं पुलिस अवैध रूप से बसों से सवारी ढो रही है। यह अवैध बस अड्डा आरटीओ एवं ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर पार्क नंबर 10 में चल रहा है।
मेरठ, आगरा, दिल्ली, गाजियाबाद की अवैध लग्जरी एसी बसें यात्रियों को 1000 रुपये में पटना एवं दिल्ली का सफर करवा रही हैं। यह किराया परिवहन निगम की एसी बसों से लगभग 250 रुपये कम है।
यह अवैध बस अड्डा शाम ढलते ही गुलजार हो जाता है।
इससे चलने वाली 75-75 लाख की 40 वॉल्वो, स्लीपर स्टाइल की बसें एक महीने में छह करोड़ रुपये कमा रही हैं। दिन में ये बसें लोक बंधु अस्पताल, पिकैडली एवं शहीद पथ के किनारे खड़ी रहती हैं। बुधवार रात ‘अमर उजाला’ टीम ने यात्री बनकर छानबीन की तो अवैध बस अड्डे की पोल खुली। पेश है, नरेश शर्मा एवं मनीष वर्मा की एक रिपोर्ट।
मासिक उगाही का रेट 40 हजार रुपये
अवैध बस अड्डा
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बस की रोशनी में सब काम
अवैध बस अड्डे पर शाम 7:30 बजते ही सवारियां आनी शुरू हो जाती हैं। यह सिलसिला रात 12:30 बजे तक बस की रोशनी में चलता है। पहले पहुंच जाने वाले यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है। शाम 7 बजे बच्चों के साथ दिल्ली जाने के लिए पहुंचीं सीमा ने बताया कि यह बस पहुंचती तो जल्दी है, लेकिन दिल्ली सिटी से 20 किमी पहले उतार देती है। एक बस में करीब 50-55 यात्री सवार रहते हैं।
एक बस से मासिक उगाही का रेट 40 हजार रुपये
डग्गामार सिंडीकेट को दो नंबर के अड्डे से कोटा, पटना एवं दिल्ली की बसों का अवैध रूप से संचालन कराने के एवज में संभागीय परिवहन कार्यालय की प्रवर्तन इकाई एवं पुलिस 20-20 हजार रुपये प्रति बस के रेट से मासिक उगाही कर रही है।
आरटीओ, पुलिस की पर्ची लाओ, मिल जाएगी छूट
डग्गामार एसी बसों से पटना एवं दिल्ली का कम किराये में सफर करना हो तो आरटीओ ( संभागीय परिवहन कार्यालय), पुलिस से पर्ची लिखवा लो। इससे 50 फीसदी तक की छूट मिलती है।
चारबाग अड्डे पर मौजूद रहते हैं एजेंट
सिंडीकेट के एजेंट चारबाग बस अड्डे पर भी हैं। ये यात्रियों को फंसाकर अवैध बसों से पटना एवं दिल्ली पहुंचा रहे हैं। परिवहन निगम के कुछ कारिंदों की इन एजेंट से सांठगांठ है। ये कर्मचारी यात्रियों को अवैध बस अड्डे की एसी बसों से जाने की सलाह देकर उन्हें एजेंट तक पहुंचाते हैं।
यहां डंडाधारी करते हैं नाकाबंदी
अवैध बस अड्डा
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चार महीने से चल रहा बस अड्डा
राजधानी से दिल्ली के सफर के लिए पहुंचे शौकत ने बताया कि यह अवैध बस अड्डा चार महीने से चल रहा है। ऑनलाइन बुक किए गए टिकट पर इसके पते का उल्लेख है। संचालकों का खुद का ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। ऑटो एवं टैंपोवाले भी कहने पर ट्रांसपोर्ट नगर बस अड्डे सीधे ले आते हैं।
डंडाधारी करते हैं नाकाबंदी
अवैध बस अड्डे की नाकेबंदी डंडाधारियों से कराई जा रही है। अड्डे के भीतर सिर्फ ऑटो एवं टैंपोवाले सवारी लेकर ही प्रवेश कर सकते हैं। या फिर आरटीओ एवं पुलिस के लोग बेरोकटोक आ-जा सकते हैं। अन्य के प्रवेश पर ये डंडाधारी अभद्रता व मारपीट पर आमादा हो जाते हैं।
बस के परमिट निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे
अवैध बस अड्डा बनाकर पटना, दिल्ली की सवारी ढोने वाली बसों की धरपकड़ होगी। संबंधित संभागीय परिवहन कार्यालय को बस के परमिट निरस्त करने की कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजेंगे। - विदिशा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) लखनऊ जोन