लखनऊ। धार्मिक आस्था से जुड़ी ऐतिहासिक इमारतों में रहने वाले लोग ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐतिहासिक शाहनजफ इमामबाड़ा परिसर में रहने वाले एक परिवार ने पिछले दिनों वैवाहिक कार्यक्रम में ढोल बजवाए। हुसैनाबाद एंड एलाइड ट्रस्ट ने नोटिस दिया मगर उसे नजरअंदाज कर आरोपियों ने दोबारा ढोल बजवाए। ट्रस्ट ने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी तो भड़के आरोपियों पर ट्रस्ट के सहायक कार्यालय अधीक्षक हबीबुल हसन के परिवार की महिलाओं से अभद्रता व गालीगलौज की। हबीबुल हसन ने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी है।
हुसैनाबाद एंड एलाइड ट्रस्ट के अधीन आने वाली ऐतिहासिक इमारतें शिया समुदाय की धार्मिक आस्था से जुड़ी हैं। इन इमारतों में गीत-संगीत और गाना-बजाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद हजरतगंज स्थित इमामबाड़ा शाहनजफ में बीते दिनों ढोल बजाए गए। इस पर इमामबाड़ा शाहनजफ के प्रभारी रिजवान हुसैन ने परिसर के बाहरी भाग के क्वार्टर संख्या 16 में रहने वाले राजकुमार के खिलाफ प्रतिबंधित क्षेत्र में ढोल-ताशा बजाने को लेकर हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी। इसमें कहा कि क्वार्टर संख्या 16 की किरायेदारी नंदलाल के नाम दर्ज है। क्वार्टर में वर्तमान में स्वर्गीय नंदलाल के पुत्र राजकुमार रह रहे हैं। बीती 23 नवंबर को राजकुमार के यहां शादी से पहले के कार्यक्रम में इमामबाड़ा परिसर में ढोल-ताशा बजाया गया। इसकी जानकारी होने पर हुसैनाबाद ट्रस्ट के प्रभारी अधिकारी एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय बृजेश कुमार वर्मा की ओर से राजकुमार को नोटिस जारी किया गया। इसके बावजूद 28 नवंबर को दोबारा इमामबाड़ा परिसर में ढोल-ताशा बजाया गया।
वहीं, ट्रस्ट के सहायक कार्यालय अधीक्षक हबीबुल हसन ने शनिवार को हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी। इसमें कहा कि वह इमामबाड़े के बाहरी भाग के क्वार्टर संख्या 19 में सपरिवार रहते हैं। ट्रस्ट की ओर से पुलिस को तहरीर दिए जाने से भड़के राजकुमार, विशाल व सनी ने उनके परिजनों से गालीगलौज व अभद्रता की है।