लखनऊ। अगर किसी मतदाता का नाम दो अलग-अलग जगह की वोटर लिस्ट में है, तो उसे एक ही जगह से एसआईआर फॉर्म भरना होगा। अगर दो जगह से फॉर्म भरते हैं तो मतदाता कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इसलिए आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि इस तरह की गड़बड़ी कोई भी न करे।
दरअसल, एसआईआर के दो मकसद हैं। पहला ये कि फर्जी व डुप्लीकेट मतदाताओं को सूची से हटाया जाए और दूसरा ये कि कोई भी योग्य वोटर का नाम मतदाता सूची से न छूटे। तमाम मतदाता एक जगह से दूसरे स्थान निवास करने लगते हैं, ऐसे में उनका दो जगहों पर वोट बन जाता है। राजधानी में भी ऐसे तमाम केस हैं। एसआईआर में इसके सुधार को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे मतदाताओं को सिर्फ एक जगह से एक ही एसआईआर फॉर्म भरना होगा। प्रशासन के अफसरों ने बताया कि दो जगह पर जिनके नाम हैं, उन्हें संशय में रहने की जरूरत नहीं है। एक फॉर्म भरकर एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करें। उनका नाम मतदाता सूची में रहेगा।
जाना पड़ सकता है जेल
जो मतदाता दो जगहों से फॉर्म भरेंगे, तो उसके बारे में जांच में पता चल जाएगा, क्योंकि मतदाताओं का पूरा विवरण ऑनलाइन रहेगा। ऐसे में उस पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत एक साल की सजा या फिर जुर्माना लगाया जा सकता है।
ऐसी स्थिति में बने हैं दो-दो जगह से मतदाता
दरअसल, तमाम गांव के रहने वाले शहरों में रहते हैं। इनमें से अधिकतर लोगों के वोट गांव में होते हैं, लेकिन जब वह शहरों में पहुंचे तो वहां भी मतदाता पहचान पत्र बनवा लिया। इन सभी को अपने गांव या शहर के पते पर ही एसआईआर फॉर्म भरना होगा। डुप्लीकेसी के सबसे अधिक इसी तरह के मामले हैं।
हर एक शंका का समाधान करें बीएलओ
डीएम विशाख जी ने एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति देखने के लिए शनिवार को मोहनलालगंज और सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के बूथों का निरीक्षण किया। डीएम ने बीएलओ से कहा कि वह प्रतिदिन बूथ पर मौजूद रहेंगे। प्रपत्रों को इकट्ठा करेंगे। अगर किसी मतदाता को फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही या फिर उसको कुछ शक-शंका है तो उसे दूर कराएं। जिससे जनता में किसी तरह का भ्रम न रहे और एसआईआर प्रक्रिया से कोई भी वंचित न रहे।
फॉर्म भरकर जल्द से जल्द जमा करें
राजधानी के लगभग सभी मतदाताओं तक एसआईआर फॉर्म पहुंच गए हैं। जो बचे हैं, उन्हें भी बीएलओ फॉर्म पहुंचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं। तमाम मतदाताओं ने फॉर्म लेकर बाद में जमा करने की बात कही है, उनमें से कई लोगों अब फॉर्म भरकर बीएलओ को नहीं दिए हैं। मालूम हो इन सभी को जल्द से जल्द फॉर्म देना होगा, क्योंकि चार दिसंबर आखिरी तारीख है। फॉर्म भरवाने में राजनीतिक दलों के 7898 सदस्य बतौर बीएलओ काम कर रहे हैं, जिससे काफी मदद मिल रही है।