लखनऊ। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, शहर में विशेष बाजार रौनक बिखेरने लगे हैं। आलमबाग में कानपुर मार्ग के पास लगा शिमला बाजार गर्म कपड़ों से भर गया है। यहां 10 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। वहीं, आशियाना का कश्मीरी बाजार भी रंग-बिरंगे ऊनी उत्पादों से गुलजार है। दोनों बाजारों में ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखी जा रही है।
बाजारों में वेलवेट सूट, पश्मीना शॉल, डिजाइनर जैकेट, गर्म कोट, स्टाइलिश स्वेटर सहित हर तरह के ऊनी कपड़े किफायती दामों में उपलब्ध हैं। पर्वतीय क्षेत्रों से आए व्यापारी स्टॉल लगाकर सर्दियों की खास रेंज पेश कर रहे हैं। शिमला बाजार के दुकानदार आकाश जायसवाल के अनुसार, ऊनी कपड़ों की कीमतें 300 से 5,000 रुपये तक हैं। स्वेटर की शुरुआती कीमत 500 रुपये रखी गई है। यह बाजार फरवरी तक चलेगा।
कश्मीरी बाजार के व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल खरीदारी अपेक्षित स्तर पर नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। महिलाओं व पुरुषों के साथ युवा वर्ग में हल्के, लेकिन अत्यधिक गर्म थर्मल वियर और ट्रेंडी लेदर जैकेट्स की मांग काफी बढ़ी है।
बाजार की खासियत
कश्मीर और हिमाचल का प्रामाणिक ऊन : व्यापारी का कहना है कि वह सीधे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से माल लाते हैं। इस वजह से ग्राहकों को असली पश्मीना, अंगोरा और मेरिनो वूल जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलते हैं। कश्मीरी कढ़ाई वाले शॉल, हाथ से बुने स्वेटर और जटिल डिजाइनों वाली ऊनी वस्तुएं उत्तर भारत की पारंपरिक हस्तकला को दर्शाती हैं।
किफायती दाम, ज्यादा वैरायटी : सीजनल बाजार होने के कारण यहां उत्पादों की वैरायटी भी ज्यादा है और दाम भी किफायती। कपड़ों के अलावा एक ही छत के नीचे सर्दियों से जुड़े तमाम आइटम कंबल, रजाई, गर्म चादरें आदि उपलब्ध हैं।
लखनऊ में सजा शिमला और कश्मीरी बाजार।
लखनऊ में सजा शिमला और कश्मीरी बाजार।
लखनऊ में सजा शिमला और कश्मीरी बाजार।
लखनऊ में सजा शिमला और कश्मीरी बाजार।
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लखनऊ में सजा शिमला और कश्मीरी बाजार।
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