लखनऊ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के रिवर बैंक कॉलोनी स्थित सभागार में बुधवार को ''भूजल स्तर में गिरावट का प्रभाव, एक भयावह भविष्य हमारी प्रतीक्षा कर रहा है'' विषय पर तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा समस्तीपुर (बिहार) के पूर्व कुलपति प्रो. आरसी श्रीवास्तव ने कहा कि आमजन को पानी के संकट से बचना है तो भूजल संरक्षण करें। देश में लगातार गिरते भूजल स्तर से भविष्य में परेशानी हो सकती है।
मुख्य वक्ता पूर्व कुलपति ने गिरते भूजल स्तर के कृषि, पेयजल, पर्यावरण व मानव जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पानी का समझदारी से इस्तेमाल करने व सतत इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
वक्ता आईईआई के अध्यक्ष वीपी सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और भूजल प्रबंधन में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कार्यक्रम में आईईआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वीबी सिंह, अध्यक्ष सत्य प्रकाश की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयोजक केपी त्रिपाठी और संचालन एनके निषाद ने किया। अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद व छात्र शामिल हुए।