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Lucknow News: कुर्बानी खुलूस से करें तो सवाब मिलेगा

Wed, 04 Jun 2025 02:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल की ईद-उल-अजहा हेल्पलाइन का सहारा लेकर मंगलवार को भी मुसलमानों ने अपनी आशंकाओं को दूर किया। हेल्पलाइन पर दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में उलमा के पैनल ने सवालों के जवाब दिए।
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इन नंबरों पर पूछें सवाल

हेल्पलाइन के फोन नंबरों 9415023970, 9335929670, 7007705774, 9415102947, 9140427677 और वेबसाइट www.farangimahal.in पर 10 जून तक दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक कुर्बानी, हज, उमरा और इबादत से जुड़ी अन्य आशंकाओं से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। सवालों के जवाब ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी की अध्यक्षता में उलमा एक पैनल देता है।

हेल्पलाइन पर पूछे गए सवाल व उनके जवाब
सवाल: एक व्यक्ति जकात नही देता है लेकिन कुर्बानी करता है तो क्या उसकी कुर्बानी कुबूल होगी?

जवाब: जकात न देने का गुनाह अलग होगा, लेकिन कुर्बानी अगर खुलूस से करे तो सवाब मिलेगा।

सवाल: क्या साहिब-ए-निसाब औरत पर भी कुर्बानी वाजिब है?

जवाबः औरत अगर खुद साहिब-ए-निसाब है तो उस पर कुर्बानी वाजिब हो जाती है। अगर वह साहिब-ए-निसाब नहीं है तो उसके शौहर पर उसकी तरफ से कुर्बानी वाजिब नहीं है। अगर शौहर अपनी मर्जी से गुंजाइश देखते हुए कर दे तो बेहतर है।
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सवाल: अगर कुर्बानी का जानवर गुम हो गया तो क्या करें?
जवाब: अगर साहिब-ए-निसाब है तो दूसरा जानवर खरीद कर कुर्बानी करें।

सवाल: कुर्बानी वाले जानवर की रस्सी व झूल का क्या करें?

जवाब: खैरात कर दें।

सवालः अगर कोई व्यक्ति कर्जदार है तो क्या उस पर भी कुर्बानी वाजिब है?
जवाब: अगर कर्ज अदा करने के बाद उसके पास इतनी रकम बच सकती है जो निसाब के बराबर हो तो उस पर कुर्बानी वाजिब है।
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