केजीएमयू के ब्राउन हाल में बृहस्पतिवार को पेटेंट मित्र इनिशिएटिव कार्यशाला हुई।
लखनऊ। अगर आपके आइडिया में दम है। उससे चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हो सकता है तो फिर उसे केंद्र सरकार के पेटेंट मित्र पोर्टल पर शेयर करें। पसंद आने पर आइडिया विकसित करने और पेटेंट कराने का खर्च सरकार वहन करेगी। केजीएमयू के ब्राउन हाल में बृहस्पतिवार को पेटेंट मित्र इनिशिएटिव कार्यशाला में डीन इनोवशन और स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिजाइन के कार्यकारी निदेशक प्रो. ऋषि सेठी ने यह जानकारी दी।
प्रो. सेठी ने बताया कि केजीएमयू देश के छह बायोडिजाइन स्कूल के सेंटर में से एक है। इसका मकसद नवाचार के माध्यम से चिकित्सा संबंधी उपकरणों का विकास करना है। यह कार्यशाला केजीएमयू में वर्ष 2022 में लागू हुई बौदि्धक संपदा नीति के तहत हुई। इससे पहले केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि नवाचार के माध्यम से चिकित्सा को और बेहतर तथा प्रभावी बनाया जा सकता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की डॉ. शुचिता मारकन ने कहा कि मरीज का इलाज करने के दौरान डॉक्टरों के मन में कई विचार आते होंगे। इन पर काम करके नए उपकरण विकसित किए जा सकते हैं। कार्यशाला में केजीएमयू के साथ ही निजी और सरकारी संस्थान के डॉक्टर शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर सुमित कुमार वैश्य ने किया।