जिन आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस किन्हीं कारणों से उनके दिए पते से लौट गए हैं, उन्हें इसके लिए अब लखनऊ स्थित परिवहन मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदक अब अपने जिले के संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) से ही डीएल ले सकेंगे।
ये सुविधा करीब पंद्रह दिन में शुरू होगी। यह घोषणा परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने की। परिवहन मंत्री ने कहा, मेरे भी संज्ञान में है कि टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय से जिलों को भेजे जाने वाले डीएल शत-प्रतिशत आवेदकों को नहीं मिल रहे हैं।
अब जो डीएल परिवहन मुख्यालय लौट आएंगे, उन्हें संबंधित जिले के आरटीओ एवं एआरटीओ को भेजा जाएगा। आवेदक उनसे संपर्क करके डीएल ले सकेंगे। परिवहन विभाग और एजेंसी के बीच हुए अनुबंध में जो चूक (दोबारा डीएल भेजने की कौन भरेगा फीस) हुई, उसकी जांच कराई जाएगी।