लखनऊ। बालागंज स्थित ईवा अस्पताल में नेपाली बच्चे की मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी नोटिस जारी किया है। इसमें मरीज के इलाज से जुड़े दस्तावेज तलब करने संग बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। तय समय पर रिकार्ड व बयान दर्ज न कराने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करके संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। अफसरों का कहना है अस्पताल आईसीयू में आयुर्वेद का डॉक्टर, मरीजों का इलाज करता मिला था।
नेपाल के निजी अस्पताल से मरीज को सरकारी संस्थान रेफर किया गया था, लेकिन मरीज ईवा अस्पताल पहुंच गया। आरोप है किसी भी कुशल डॉक्टर ने पूरी रात मरीज को नहीं देखा था। अगले दिन हालत नाजुक होने पर दूसरे निजी अस्पताल भेजा दिया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पिता की शिकायत पर जांच कमेटी ने इलाज से जुड़े दस्तावेज तलब करने संग डॉक्टर को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया। इसके बाद भी किसी भी डॉक्टर ने बयान सीएमओ आफिस में दर्ज नहीं कराए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, जवाब न मिलने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने संग संचालन पर रोक लगाई जाएगी।