फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईसीएसई बोर्ड ने मांगे बच्चों के 11वीं, 12वीं के अंक

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। 12वीं की परीक्षा कराने के लिए सीबीएसई और यूपी बोर्ड राजी हैं, वहीं आईसीएसई बोर्ड ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि, बोर्ड ने स्कूलों से इंटर के छात्रों के कक्षा 12 और 11 के भी अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इससे कयास लगाया जा रहा है कि कहीं बोर्ड 12वीं की भी परीक्षा निरस्त न कर दे। हालांकि, स्कूल ऑफलाइन परीक्षा कराने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं।
विज्ञापन

आईसीएसई बोर्ड के निर्देश के बाद स्कूलों को सात जून तक कक्षा 11 और 12 में हुई परीक्षाओं के औसतन अंक अपलोड करने हैं। जिन छात्रों ने 11वीं व 12वीं की पढ़ाई अलग-अलग स्कूलों से की है, उनके भी दूसरे स्कूलों से कक्षा 11 के अंक मंगवाकर अपलोड करने हैं। स्कूलों के बीच यह चर्चा आम हो गई है कि कहीं बोर्ड 12वीं की परीक्षा निरस्त ना कर दे। इसी कारण अंक अपलोड कराए जा रहे हैं, ताकि परीक्षा निरस्त करने के बाद छात्रों को परफॉर्मेंस के आधार पर औसतन दे दिया जाए। हालांकि, स्कूल थोड़ी देर से ही सही ऑफलाइन परीक्षा कराने के पक्ष में हैं। स्कूलों को आशंका है कि कहीं औसत अंक के आधार पर अंकपत्र न जारी कर दिया जाए।
सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल ने कहा कि महज दो साल की परफॉर्मेंस के आधार पर औसत अंक दे देना छात्र हित में नहीं है। बेहतर है कि इस संबंध में छात्रों से राय ली जाए। उन्होंने ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों परीक्षा का सुझाव दिया। कहा कि एक लैंग्वेज और दो मुख्य विषय की परीक्षा कराकर इसके आधार पर बाकी विषयों के अंक दिए जाएं। अवधि घटाकर परीक्षा ऑफलाइन ली जा सकती है। एसकेडी एकेडमी के निदेशक मनीष सिंह ने कहा कि यदि यूपी व सीबीएसई बोर्ड भी परीक्षा कराने की तैयारी में हैं तो आईसीएसई को छात्र हित में परीक्षा करानी चाहिए। छात्रों ने इसके लिए बहुत मेहनत की है। उनके भविष्य का सवाल है। जहां कक्षा 12 के अंकों के आधार पर दाखिला मिलता है, वहां वे औसत अंक के सहारे कहां टिक पाएंगे। सीएमएस के संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी ने भी ऑफलाइन परीक्षा की वकालत की है। इसके लिए उन्होंने बोर्ड के सचिव से बात भी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें