कोविड-19 महामारी के नियंत्रण के लिए यूपी में अब पूल टेस्टिंग होगी। इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इसकी अनुमति दे दी है। ऐसा करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार पूल टेस्टिंग में कई लोगों के स्वैब के नमूनों को इकट्ठा कर एक बार में ही टेस्ट किया जाता है। प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि पूल टेस्टिंग में 8, 16 या 32 नमूने एक बार में जांच किए जा सकेंगे।
क्या है पूल टेस्टिंग
विशेषज्ञों के अनुसार पूल टेस्टिंग में एक-एक सैंपल टेस्ट करने के बजाय सभी सैंपल को मिक्स कर लिया जाता है और इनमें से किसी एक को टेस्ट किया जाता है। यदि यह नमूना निगेटिव आता है तो सारे निगेटिव मान लिए जाते हैं। अगर नमूना पॉजिटिव आता है तो फिर सभी नमूनों की अलग-अलग जांच होती है। इससे टेस्ट किट का कम इस्तेमाल होता है। जिस इलाके में कोरोना संक्रमण की आशंका हो, वहां यह टेस्ट बेहद कारगर है। साथ ही यह ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग में मददगार होगा, जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं होते हैं।