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यूपी: अफसर बोले, नेता और मीडिया कर रहे टारगेट

Sun, 16 Feb 2014 11:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आईएएस एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा शनिवार को सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में हुई। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि ‘बाबू’ शब्द का संबोधन उनके लिए मुसीबत बन गया है।
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नेताओं व मीडिया द्वारा वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों पर की जा रही टिप्पणियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। इसमें सदस्यों ने सत्ताधारी दल के जिम्मेदार नेताओं द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों पर बार-बार नकारात्मक टिप्पणी करने पर असंतोष जताया।

मीडिया में आईएएस के लिए ‘बाबू’ शब्द के इस्तेमाल पर भी नाराजगी जताई गई। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आराधना शुक्ला की एसोसिएशन से शिकायत थी कि किसी अधिकारी का किसी आरोप में नाम आते ही उसे दोषी की तरह पेश किया जाने लगता है।
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ऐसे निकला दर्द

वार्षिक आमसभा में यह भी बात सामने आई कि अफसरों के लिए कोई बचाव नहीं। जनता और मीडिया का रवैया भी ठीक नहीं रहता। कई अफसरों ने उनकी बात का समर्थन किया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक रंजन ने भी माना कि नेता व मीडिया बेवजह अफसरों को टारगेट कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस माहौल से उबरने के लिए अपने अच्छे कामों को सामने लाने की बात कही। एसोसिएशन ने ऐसे मामलों में मदद के लिए एक कमेटी भी बनाने का फैसला किया है।

अच्छे काम करना जरूरी

वरिष्ठ आईएएस अनिल स्वरूप का सुझाव था कि अच्छे काम की पहचान होनी चाहिए। वह चाहे जिले में हो रहा हो या प्रदेश में या फिर प्रदेश से बाहर। इसकी जानकारी सबको मिलनी चाहिए और उसे जहां आवश्यक हो, लागू किया जाना चाहिए।

प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने कहा कि अफसरों को विदेशों में अच्छी ट्रेनिंग मिलनी चाहिए ताकि वे वहां से अच्छी तकनीक, अच्छे प्रयोग की जानकारी प्राप्त कर यहां भी लागू करा सकें। आमसभा को वरिष्ठ आईएएस दीपक सिंघल, जेएस दीपक, डॉ. हरिओम, आराधना शुक्ला आदि ने संबोधित किया।

विकास एजेंडे में शामिल होंगे अफसरों के अभिनव प्रयोग

आईएएस एसोसिएशन ने अफसरों की ‘बाबू’ इमेज से छुटकारा दिलाने के लिए कई रचनात्मक कदम उठाने का फैसला किया है। अब अफसरों के अच्छे काम को सरकार के विकास एजेंडे में जगह मिलेगी और मुख्य सचिव खुद उसकी समीक्षा करेंगे।

एसोसिएशन ने शनिवार को हुई एजीएम में आए सुझावों पर अमल के लिए कई कमेटियों के गठन की घोषणा की है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने अच्छे कार्यों को महत्व दिए जाने की मांग पर घोषणा की कि जिला हो या मंडल अथवा शासन, अफसरों द्वारा किए जा रहे अच्छे प्रयोगों को सरकार के विकास के एजेंडे में शामिल किया जाएगा।

इनोवेटिव काम कर रहे अफसरों के काम को दूसरे स्थानों पर भी लागू कराया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक रंजन ने कहा कि अफसरों के अच्छे कामों को सामने लाने के लिए मैग्जीन निकाली जाएगी। अच्छे कार्यों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए कई कमेटियां गठित की जाएंगी, जो अपने सुझाव देंगी।

तबादलों पर मुखर हुई नाराजगी

बैठक में बेमौसम तबादलों पर भी अफसरों की नाराजगी मुखर हुई। एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पास कर केंद्रीय कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के 28 जनवरी के आदेश को अक्षरश: लागू करने का प्रस्ताव पास किया।

मंत्रालय ने कम से कम दो वर्ष तक एक पद पर रखने का आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि 4 फरवरी से अब तक 30 से ज्यादा डीएम बदले जा चुके हैं। 24 जिलों में नए कप्तान तैनात किए गए हैं। अब तक 465 प्रशासनिक एंव पुलिस अधिकारियों का तबादला हो चुका है।

अफसरों को जल्द मिलेगी सौगात

बैठक में अफसरों के बच्चों के लिए दिल्ली की तरह लखनऊ में ‘संस्कृति स्कूल’ की स्थापना व अफसरों के सरकारी आवास के लिए एक और सीएसआई टॉवर के निर्माण की सैद्धांतिक मंजूर के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया गया।

आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक रंजन ने बताया कि अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम दिल्ली जाकर वहां संस्कृति स्कूल की व्यवस्था देखेगी और अपने सुझाव देगी।

एलडीए या आवास विकास परिषद क्षेत्र में जल्द ही इसके लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में अधिकारियों को सरकारी आवास नहीं मिले हैं।

इसे देखते हुए राज्य संपत्ति विभाग जल्द ही ऐसे अफसरों के लिए सरकारी आवास उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा आवास विकास परिषद की ओर से अधिकारियों के लिए अलग से एक ऑफिसर्स कॉलोनी बनाने का सुझाव आया।

अध्यक्ष ने बताया कि स्वास्थ्य रेम्बर्समेंट 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने के प्रस्ताव पर भी तेजी से काम हो रहा है। सचिव अमृत अभिजात ने एसोसिएशन की ओर से अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी।
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भूसरेड्डी ने सातवें वेतन आयोग के लिए मांगे सुझाव

केंद्रीय आईएएस एसोसिएशन के सचिव संजय भूसरेडडी ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लिए प्रदेश एसोसिएशन से सुझाव देने को कहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक रंजन ने बताया कि इसके लिए वे एक कमेटी का गठन करेंगे, जो अफसरों और कर्मचारियों के संबंध में अपने सुझाव देगी।
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