अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश अवस्थी बुधवार को आखिरकार सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिल सका। उप्र. एक्सप्र्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) समेत उनके सभी विभागों का कार्यभार प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री व सूचना संजय प्रसाद को सौंपा गया है।
अवस्थी के पास गृह के अलावा गोपन, वीजा-पासपोर्ट, जेल प्रशासन एवं सुधार, सतर्कता विभाग, धर्मार्थ कार्य विभाग की जिम्मेदारी थी। वह यूपीडा व उप्र. स्टेट हाईवेज अथॉरिटी (उपशा) के सीईओ और डीजी जेल भी थे। ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त चार्ज भी उनके पास था। संजय ने देर शाम गृह विभाग का कार्यभार संभाल लिया और अधिकारियों के साथ बैठक भी की। अपर मुख्य सचिव, गृह के पद से बुधवार को सेवानिवृत्त हुए अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफी भरोसेमंद और सबसे पावरफुल ब्यूरोक्रेट रहे हैं। अवस्थी 1984 के बाद सबसे लंबे समय तीन वर्ष एक माह तक गृह विभाग का मुखिया रहने का रिकॉर्ड बना गए। उनका कार्यकाल एक अगस्त, 2019 से 31 अगस्त, 2022 तक रहा। इससे पहले आरसी टकरू का कार्यकाल नवंबर 1980 से मार्च 1984 तक का था।
अवस्थी के सेवानिवृत्त के बाद उनके सम्मान में पुलिस विभाग की ओर से भी विदाई सम्मान समारोह का अयोजन किया। लखनऊ के सप्रू मार्ग स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में अवस्थी के सम्मान में कार्यवाहक डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान की ओर से यह आयोजन किया गया। इसमें लखनऊ में नियुक्त एसपी से लेकर एडीजी स्तर तक के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया।
स्थायी मुखिया की घोषणा जल्द
प्रदेश के गृह विभाग का अगला मुखिया कौन होगा, इसे लेकर शासन स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। जल्द ही नया नाम तय कर स्थायी मुखिया की तैनाती की जाएगी। संजय प्रसाद जिन्हें गृह विभाग का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है, उन्हें भी स्थायी किया जा सकता है। क्योंकि 2019 के शुरू में तत्कालीन प्रमुख सचिव अरविंद कुमार लंबी छुट्टी पर गए थे। उस समय सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। बाद में अरविंद कुमार को जब गृह विभाग से हटाया गया तो अवस्थी को ही स्थायी अपर मुख्य सचिव बना दिया गया।