हज के मुकद्दस सफर के लिए इस साल सूबे से 35 हजार आवेदकों ने फॉर्म जमा कराए हैं।
ऐसे में 12 हजार आवेदक हज यात्रा नहीं कर पाएंगे। इसे लेकर आवेदकों में मायूसी है।
राज्य हज कमेटी के अधिकारियों की मानें तो इससे पहले कभी उत्तर प्रदेश का हज कोटा इतना कम नहीं हुआ था।
आज से बीस साल पहले भी प्रदेश से 25 से 30 हजार हज यात्री मुकद्दस सफर पर भेजे जाते थे।
वहीं, पिछले कुछ सालों की बात करें तो वर्ष 2009 में सूबे का हज कोटा 37 हजार और वर्ष 2010 में 34 हजार था।
2011 में कोटा घटकर 32,500 रह गया था, लेकिन इसके अगले साल 500 की बढ़ोतरी हुई थी और 2012 में यह कोटा 33 हजार कर दिया गया था।
पिछले साल भी प्रदेश को 32 हजार का कोटा मिला था। राज्य हज कमेटी के सचिव डॉ. सुल्तान अहमद का कहना है कि कोटा वाकई कम है।
उन्होंने बताया कि राज्य हज कमेटी प्रयास कर रही है कि हज कोटा पिछले साल के बराबर 32 हजार तक पहुंच जाए।