लखनऊ। दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर जहर देकर पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति मिर्जा फैसल बेग को दोषी ठहराकर एडीजे नरेंद्र कुमार ने दस साल की कैद और दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की आधी रकम वादी को देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में नामजद अन्य आरोपी सुभान अली बेग, जरीना बेग, नजमा तनवीर और खदीजा तनवीर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
कोर्ट में सरकारी वकील अरुण पांडेय ने बताया कि वादी मोहम्मद अयूब सिद्दीकी ने गाजीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया था कि उनकी बेटी सबा का निकाह 17 नवंबर 2011 को मिर्जा फैसल बेग के साथ हुआ था। तभी से दहेज में कार की मांग को लेकर पति, सास, ननदें व देवर सबा को प्रताड़ित करने लगे। पांच अगस्त 2014 को फैसल ने वादी की पत्नी को फोन कर बताया कि सबा की हार्टअटैक से मौत हो गई। जब वादी अस्पताल गया तो पता चला कि आरोपियों ने सबा को जहर देकर मार दिया है।