लखनऊ। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता काजल की जहर देकर हत्या करने के आरोपी पति बाबू उर्फ राजेश रावत को एडीजे डॉ. शिवा पांडेय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन के मुताबिक, काजल के भाई रोहित कुमार रावत ने 31 जनवरी 2020 को पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि काजल की शादी करीब पांच साल पहले बाबू से हुई थी और शादी के बाद से ही वह उसके साथ मारपीट करता था। कई बार सुलह-समझौता भी हुआ था। यह भी आरोप था कि घटना से करीब पांच महीने पहले बाबू ने काजल को पीटा था, जिससे उनकी गर्दन, चेहरे और आंख में चोट आई थी। रोहित ने उनका इलाज कराया था। 31 जनवरी को बाबू ने फोन कर बताया कि काजल ने कुछ खा लिया है। रोहित मौके पर पहुंचे और बहन को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, मुकदमे की सुनवाई के दौरान रोहित अपने पहले बयान से पलट गए। उन्होंने कोर्ट में कहा कि काजल को ससुराल में प्रताड़ित नहीं किया जाता था और न ही इसको लेकर कोई सुलह-समझौता हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि काजल ने तनाव के चलते आत्महत्या की थी और आरोपी या उसके परिजनों ने उसे परेशान नहीं किया था।