मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली समग्र विकास योजना पहले चरण से
आगे नहीं बढ़ पाई है।
शहर के विकास (खासकर पुराने लखनऊ) को लेकर योजना के
तहत 100 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाने हैं। पहले चरण के
लिए इसमें से करीब 35 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं।
लेकिन उसके बाद से
दूसरे चरण का काम चार महीने से अटका पड़ा है। नगर निगम के मुख्य अभियंता
तरुण कुमार शर्मा का कहना है कि प्रोजेक्ट बनाकर भेजा जा चुका है।
जैसे ही
वह पास होकर आएगा काम शुरू हो जाएगा। इस योजना में नगर निगम सिर्फ
कार्यदायी संस्था है।
नोडल एजेंसी एलडीए है। उसी को प्रोजेक्ट बनाकर भेजा
जाता है। करीब चार महीने पहले प्रोजेक्ट भेजा गया था। लेकिन उस पर कोई आदेश
नहीं आया है।