अमरोहा के धनोरा मंडा पुलिस स्टेशन में दो दिन पहले 30 वर्षीय एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति की मौत होने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से मामले की विस्तृत रिपोर्ट चार सप्ताह में देने के साथ ही इस पर भी जवाब मांगा है कि निर्देशों के बाद भी प्रकरण की सूचना आयोग को क्यों नहीं दी गई?
आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर हनन बताया है। राज्य सरकार को भेजे गए नोटिस में आयोग ने यह भी बताने को कहा है कि नियमों के मुताबिक मृतक के परिवार को आर्थिक मदद मुहैया कराई गई अथवा नहीं? अमरोहा पुलिस ने इस व्यक्ति को चोरी के आरोप में 26 दिसंबर को हिरासत में लिया था। आयोग ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उस रात परिवार के लोग जब एक वैवाहिक समारोह से लौट रहे थे तह पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था और उसे छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये मांग रही थी।
रुपये नहीं देने पर उसे थाने में उसे थर्ड डिग्री टार्चर दिया गया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। आयोग का कहना है कि अगर परिवार के आरोप सही हैं तो यह बहुत गंभीर बात है। इस मामले में थाना प्रभारी समेत कुल 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।