लखनऊ के हजरतगंज इलाके में एक जालसाज ने उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ के रिटायर्ड उपमहाप्रबंधक के पीपीएफ अकाउंट से 4.70 लाख रुपये उड़ा लिए। बुजुर्ग ने एसबीआई की मुख्य शाखा के कैशियर गिरधर गोपाल समेत दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
आरोप है कि बैंककर्मी द्वारा पीपीएफ की 60 फीसदी रकम निकालने की बात कहकर टालमटोल की, लेकिन जालसाज के इशारे पर पूरी रकम उनके खाते में ट्रांसफर कर दी। जालसाजों की धरपकड़ में हीलाहवाली पर आला अफसरों से गुहार लगाई है।
जानकीपुरम विहार कॉलोनी निवासी प्रेम प्रताप सिंह ने बताया कि वह 30 नवंबर 2016 को उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
उन्होंने पीपीएफ अकाउंट से रकम निकालने के लिए छह अप्रैल को हजरतगंज में एसबीआई की मुख्य शाखा में पीपीएफ काउंटर पर संपर्क किया। काउंटर प्रभारी ने वर्ष 2016-17 में पैसा जमा न किए जाने की वजह से सिर्फ 60 प्रतिशत रकम निकालने की बात कही।
इस बीच काउंटर के पास मौजूद अधेड़ ने प्रेम प्रताप को पूरी रकम निकलवाने का आश्वासन दिया और औपचारिकताएं पूर्ण करने के लिए अगले दिन बैंक बुलाया। प्रेम प्रताप सात अप्रैल की सुबह एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचे।
गेट पर ही अधेड़ उनका इंतजार कर रहा था। उसने बैंक के भीतर ले जाकर औपचारिकताएं पूरी कराईं और क्लर्क ने प्रेम प्रताप के पीपीएफ अकाउंट के 4,71,517 रुपये एसबीआई की जानकीपुरम विस्तार शाखा में उनके बचत खाते में स्थानांतरित कर दिए