लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में अब फेफड़े व सांस संबंधी बीमारी का पता फौरन लग जाएगा। इसके लिए संस्थान में ढाई करोड़ रुपये की कीमत से एंडोब्रोन्कियल अल्ट्रासाउंड (ईबीयूएस) की खरीद की जा रही है। इसके माध्यम से फेफड़ों की बीमारी और कैंसर की भी पहचान आसानी से हो सकेगी।
इसमें वायुमार्ग की दीवार व आसपास की संरचनाओं को देखने के लिए ब्रोंकोस्कोपी के साथ अल्ट्रासाउंड का इस्तेमाल किया जाता है। इससे 360 डिग्री छवि मिलती है। इसमें अल्ट्रासाउंड छवियों का उपयोग असामान्य फेफड़े के नोड्यूल या बड़े घाव को देखने के लिए किया जाता है। इसका फायदा ये है कि बीमारी या फिर कैंसर का पता फौरन चल जाता है।
साथ ही खून बहने की आशंका कम रहती है। इसलिए इसे सुरक्षित माना जाता है। संस्थान के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग में इस मशीन की खरीद की मंजूरी हो गई है। केजीएमयू मीडिया सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. केके सिंह ने बताया कि मार्च से पहले ये मशीन संस्थान को मिल जाएगी।
एक करोड़ रुपये की पेट सीटी स्कैन को भी मंजूरी
केजीएमयू में न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में एक करोड़ रुपये की कीमत वाली पेट सीटी स्कैन की खरीद को भी मंजूरी मिल गई है। ये मशीन रोबोटिक सिस्टम के आधार पर संचालित होगी। इसकी आपूर्ति भी मार्च में होने की संभावना है।