130 किमी प्रति घंटे है लखनऊ-आनंदविहार रूट की सीमा, कैसे दौड़ेगी 160 की रफ्तार से तेजस
देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस लखनऊ से दिल्ली के बीच चलाई जाएगी। हालांकि, जर्जर ट्रैक, कॉशन और सुरक्षा की कमी इसकी गति में अड़ंगा लगाएगी।
इस पर रेलवे बोर्ड व आईआरसीटीसी अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है। लखनऊ-आनंदविहार रूट पर करीब 35 कॉशन है, जहां ट्रेन धीमी करनी पड़ती है।
इस रूट की गति की सीमा 130 किमी प्रति घंटा है। ऐसे में 160 किमी की रफ्तार वाली तेजस को चलाने में मुश्किलें आएंगी।
तेजस देश की पहली ऐसी ट्रेन होगी, जिसे चलाने का जिम्मा प्राइवेट हाथों में होगा। रेलवे बोर्ड ने इसे सौ दिवसीय एजेंडे में शामिल कर आगे बढ़ा दिया है।
ट्रेन को जल्द से जल्द ट्रैक पर लाने के लिए मंथन हो रहा है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो हाईस्पीड ट्रेनों के आड़े तमाम समस्याएं आएंगी। सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है।
ट्रेन भले ही प्राइवेट हाथों से संचालित हो, लेकिन जर्जर ट्रैक और कॉशन से निपटने के इंतजाम करने जरूरी हैं। हालांकि ट्रैक के मेंटेनेंस को लेकर तेजी दिखाई गई है और स्थितियां कुछ बेहतर भी हुई हैं।
गति को लेकर आईआरसीटीसी अधिकारियों की दलील है कि मदुरई-चेन्नई के बीच चल रही तेजस एक्सप्रेस अभी 58 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जा रही है।
ऐसे ही लखनऊ-दिल्ली रूट पर शुरुआती दौर में कम गति से ट्रेन चलाई जा सकती है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या कॉशन की है।
अकेले लखनऊ से मुरादाबाद के बीच 35 कॉशन हैं। तेजस की रफ्तार के आड़े ये भी आएंगे। तेजस एक्सप्रेस को लेकर चार जुलाई को बोर्ड में हुई बैठक के अनुसार आईआरसीटीसी अधिकारियों ने खाका सौंप दिया है। इसमें ट्रैक व सुरक्षा अहम मुद्दा है।
रनओवर से जूझना होगा
लखनऊ-दिल्ली रेलखंड पर बैरिकेडिंग न होने से ट्रेनों के संचालन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या वंदे भारत एक्सप्रेस को भी उठानी पड़ती हैं। मसलन, रूट पर छुट्टा जानवर कभी पटरियों पर आ जाते हैं और ट्रेनों से टकराकर रनओवर के शिकार हो जाते हैं, जिससे संचालन गड़बड़ाता है। हादसे की आशंका भी बढ़ जाती है।
सुविधाओं पर फोकस
पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु की ओर से वर्ष 2016-17 में स्पेशल ट्रेनों अंत्योदय, हमसफर, तेजस आदि की घोषणा की गई थी। इसमें सामान्य से लेकर खासोआम, हर वर्ग का ध्यान रखा गया था। तेजस एक्सप्रेस महत्वाकांक्षी ट्रेन है, लिहाजा इसकी सुविधाओं पर भी खासा फोकस किया जा रहा है। इसमें चार घंटे पहले चार्ट का झंझट नहीं होगा। टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन होगी। ट्रेन में एलसीडी, वाईफाई के साथ मेन्यू मशहूर शेफ की ओर से तैयार किया जाएगा।
टाइमिंग पर माथापच्ची
तेजस एक्सप्रेस का जो शेड्यूल जारी हुआ है, उसके मुताबिक ट्रेन को सुबह 6.50 बजे चलाने की बात कही गई है। अगर, ट्रेन चारबाग स्टेशन से चलती है तो सुबह गोमती एक्सप्रेस भी इसी समय के आसपास दिल्ली को चलती है। वहींख् अगर इसे जंक्शन से चलाया जाता है तो वहां डबलडेकर एक्सप्रेस सुबह चलती है। ऐसे में टाइमिंग को लेकर खासी माथापच्ची करनी होगी।