नगर आयुक्त ने बताया कि पार्षद पहले की तरह पांच-पांच लाख रुपये मार्ग प्रकाश, उद्यान और पेयजल कार्यों पर खर्च कर सकेंगे। शेष एक करोड़ से सड़क बनवा सकेंगे।
चालकों, सफाईकर्मियों का वेतन-मानदेय बढ़ा
कार्यदायी संस्था के जरिये तैनात सफाई कर्मचारियों व अन्य श्रमिकों को मानदेय 250 से 308 रुपये प्रतिदिन किया गया है। नगर निगम कार्यदायी संस्थाओं के जरिये कार्यरत चालकों का भी मानदेय 10,201 रुपये कर दिया गया है।
कोटा बढ़ाने को बढ़ा दिया गृहकर वसूली का लक्ष्य
बीते साल नगर निगम ने 350 करोड़ गृहकर वसूली का लक्ष्य रखा था, पर दिसंबर तक 172 करोड़ ही वसूल सका। इसके बाद भी पार्षद कोटा बढ़ाने को नए साल में वसूली का लक्ष्य 410 करोड़ कर दिया गया। हैरानी की बात यह है दो मार्च को बैठक स्थगित होने के बाद कार्यकारिणी उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता और महापौर संयुक्ता भाटिया ने यह कहा था कि निगम प्रशासन ने बजट में गृहकर का लक्ष्य मनमाना रख लिया है।
वसूली का लक्ष्य 400 करोड़ रखा गया है, जबकि अफसर खुद कह रहे हैं कि वे उतना नहीं वसूल सकते। इसके बाद सवाल उठाने वालों ने ही अपना कोटा बढ़वाने को गृहकर वसूली का लक्ष्य पहले से भी अधिक कर दिया। इसे लेकर अब सफाई दे रहे हैं कि जो छूटे मकान हैं उन्हें कर के दायरे में लाकर आय बढ़ाई जाएगी।
दो दशक से दैनिक वेतन पर काम कर रहे जलकल विभाग के 49 कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा। इसका प्रस्ताव कार्यकारिणी ने पास कर दिया है। महाप्रबंधक जलकल एसके वर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सभी 49 कर्मचारियों को पूरा वेतनमान दिया जा रहा है।
उन्हें नियमित करने से भार नहीं पड़ेगा। नियमित होने से कर्मचारियों को लाभ यह होगा कि उन्हें रिटायर होने के बाद पेंशन का लाभ मिल जाएगा।