हाउस टैक्स जमा करने के लिए अब महज दो हफ्ते बचे हैं।
अंतिम तिथि (31 मार्च) के बाद भी हाउस टैक्स जमा न करने वाले बड़े बकाएदारों से आरसी जारी करके इसकी वसूली की जाएगी।
नगर आयुक्तों को बड़े बकाएदारों की सूची तैयार कर अप्रैल के पहले हफ्ते तक भेजने को कहा गया है।
अप्रैल के पहले पखवाड़े में इन बकाएदारों की सूची चस्पा करने के साथ ही आरसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में 630 निकाय हैं। इनमें 13 नगर निगम, 194 पालिका परिषद और 423 नगर पंचायतें हैं। प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में नगर निगम हैं।
इन शहरों में औद्योगिक इकाइयों के साथ बड़े-बड़े व्यवसायी हैं। नगर निगम का मुख्य काम शहरी क्षेत्रों में बने मकान और प्रतिष्ठान से हाउस टैक्स की वसूली करना है।
छोटे मकान मालिक व दुकानदार तो आसानी से हाउस टैक्स जमा कर देते हैं, लेकिन बड़े मकान व प्रतिष्ठान वाले टैक्स जमा करने में आनाकानी करते हैं।
नगर विकास विभाग ने नगर आयुक्तों को निर्देश दिया है कि बड़े बकाएदारों की सूची तैयार करते हुए पहले नोटिस भेजें। इसके बाद भी यदि वे हाउस टैक्स नहीं जमा करते हैं तो आरसी जारी करते हुए वसूली की जाए।