लखनऊ के चारबाग में हुए होटल अग्निकांड के बाद प्रशासन ने अवैध होटलों और लॉज पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार दोपहर एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी और सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव टीम के साथ एसएसजे और विराट होटल को सीज करने के लिए पहुंचे। इन दोनों होटलों को सीज करने के बाद टीम ने पास में ही स्थित मेघा होटल और शक्ति लॉज पर भी छापा मारा।
अवैध रूप से संचालित शक्ति लॉज का मैनेजर अतीक अहमद, टीम को देखते ही ताला लगाकर भाग गया, जबकि लॉज में अंदर 15 यात्री मौजूद थे। पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी ने बताया कि अवैध तरीके से ये लॉज संचालित हो रहा था। यात्रियों से खाली करवाकर इसे सीज कर दिया गया है। लॉज से संबंधित दस्तावेज और अन्य मानकों की जांच गहनता से करने के बाद इसके मैनेजर और मालिक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
एएसपी ने बताया कि एसएसजे इंटरनेशनल के मालिक का ही मेघा होटल है। इसे भी सीज कर कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इनके अलावा कावेरी, मेट्रो, अमित सहित चार होटलों से टीम ने एलडीए, फायर, बिजली सहित अन्य विभागों की एनओसी और कागजात मांगे हैं।
मालूम हो कि मंगलवार को एसएसजे और विराट होटल में लगी भीषण आग में छह लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जबकि कई झुलस गए थे। इस मामले की जांच लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्ण को सौंपी गई है। इसकी के मद्देनजर टीम ने कार्रवाई तेज कर दी है। अवैध रूप से चल रहे होटल और लॉज पर गाज गिरनी तय है।
होटल मालिकों पर दर्ज हो चुका है केस
बता दें कि शुरुआती जांच में पता चला कि विराट इंटरनेशनल होटल का न तो एलडीए से नक्शा पास था और न ही फायर की एनओसी ली गई थी। हालांकि, एसएसजे होटल का नक्शा भी पास था और उसकी एनओसी ली गई थी। आग लगने की घटना के बाद होटल के जिम्मेदार लोग वहां से पलायन कर गए, जिसकी वजह से कुछ लोगों की जान चली गई। इस मामले में दोनों होटल संचालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।