कोरोना को देखते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (कैस) में बन रहे अत्याधुनिक सुविधाओं वाले हॉस्टल की पूरी डिजाइन ही बदल दी गई है।
पांच मंजिला हॉस्टल को पूरी तरह से डबल सीटेड बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब पहले से बन चुके कमरों को छोड़कर बाकी को सिंगल कर दिया गया है।
इतना ही नहीं यहां लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग मेस बनाने के लिए कहा गया है। इनमें भी विद्यार्थियों के दूर-दूर बैठकर खाने की व्यवस्था होगी।
साथ ही दो शिफ्ट में अलग-अलग खाने की व्यवस्था होगी, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का ज्यादा से ज्यादा पालन कराया जा सके।
उधर, टॉयलेट और बाथरूम में सेंसर वाली टोटी लगाने का फैसला लिया गया है, ताकि इन्हें कम से कम छूना पड़े।
दरवाजों में भी इस तरह की कोई ऑटोमेटिक व्यवस्था हो तो उसे भी करने के लिए कहा गया है। इन बदलावों से खर्च तो बढ़ेगा, लेकिन कोरोना को देखते हुए नई डिजाइन के अनुसार हॉस्टल बनाने को कहा गया है।
बर्तन धुलने के लिए ऑटोमेटिक मशीन
कैस के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने कहा कि कोरोना से अभी हमें लंबे समय तक लड़ाई करनी होगी। इसे देखते हुए हॉस्टल की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि मेस मॉडर्न तकनीक से बनाई जाएगी। इसमें फर्नीचर तीन फीट की दूरी पर लगेंगे। बर्तन धुलने के लिए ऑटोमेटिक मशीन लगाई जाएगी। बैच में बैठकर खाने की व्यवस्था होगी। रूम सिंगल सीटेड बन रहे हैं। जो पहले बन गए, उन्हें सॉफ्ट पार्टिशन कर सिंगल किया जाएगा। टॉयलेट हर पांच लोगों के इस्तेमाल करने के बाद साफ किए जाएंगे। यह पीजी हॉस्टल है, जो नए सत्र में बनकर तैयार होगा। इसमें 140 लड़के और 140 लड़कियों के रहने की व्यवस्था है। अभी हमारे पास 180 ही विद्यार्थी हैं, ऐसे में इन्हें हॉस्टल में रखने में दिक्कत नहीं होगी।