उल्लेखनीय है कि शासन व उच्च न्यायालय की ओर से एचआईवी संक्रमित मरीज की पहचान गोपनीय रखने का आदेश हैं पर अस्पताल कर्मियों ने इसे सार्वजनिक कर दिया।
जांच के बाद दोषी पर होगी कार्रवाई
मामले पर गोंडा के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि एड्स पीड़ित मरीज के बेड पर एचआईवी पॉजिटिव लिखकर स्लिप किसने लगाई है, अभी इसका पता नहीं चल सका है। किसी वार्ड बॉय या अन्य कर्मी का हाथ हो सकता है। जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। जांच में दोषी मिले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।