बलरामपुर। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। जिला महिला चिकित्सालय में अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता का जीता जागता उदाहरण देखने को मिला। मंगलवार को अस्पताल के वार्ड में पंखा नीचे गिर गया जिससे जच्चा-बच्चा की जान बाल-बाल बची। इतना ही नहीं बच्चा पैदा कराने के लिए ऑपरेशन के नाम पर प्रसूता के परिजनों से 5500 रुपये की वसूली भी की गई। प्रसूता के पति की शिकायत के बावजूद पैसा लेने वाले कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नगर पालिका वार्ड निवासी अब्दुल मोईद ने बताया कि उसने अपनी पत्नी रुखसाना को दर्द उठने पर शनिवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने आपरेशन से बच्चा होने की बात कही। आपरेशन के लिए साढ़े पांच हजार रुपए की मांग भी की। डाक्टर ने पैसा लेने के बाद आपरेशन किया। रुखसाना ने बच्ची को जन्म दिया। रुखसाना व बच्ची को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। वार्ड में जिस बेड पर प्रसूता व बच्चे को शिफ्ट किया गया उसके ऊपर लगा पंखा हिल रहा था। पंखा गिरने की आशंका व्यक्त करते हुए अस्पताल कर्मियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया। आखिरकार मंगलवार की सुबह पंखा पाइप से टूट कर नीचे गिर गया जिससे बेड पर बैठी रुखसाना को हल्की-फुल्की चोट लगी। गनीमत यह रही कि रुखसाना के पास लेटी नवजात पंखे की चपेट में नहीं आई जिससे वह बाल-बाल बच गई।
अब्दुल मोईद ने यह भी बताया कि पंखा गिरने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। गर्मी से बचने के लिए उसे घर से पंखा लाना पड़ा है। पैसा देने के बावजूद अस्पताल में कोई सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था व आपरेशन के लिए पैसा लिए जाने की शिकायत जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस से की गई है। अभी तक न तो पैसा वापस किया गया है और न कोई सुविधा ही दी जा रही है।
पैसा वसूले जाने की नहीं मिली है शिकायत
-वार्ड में पंखा गिरने की सूचना मिली है। ऐसा हादसा दोबारा न हो इसके लिए अस्पताल में लगे पंखों की जांच कराई जाएगी। पाइप आदि बदलवाए जाएंगे। प्रसूता के परिजन से पैसा वसूले जाने की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डा. विनीता राय, सीएमएस जिला महिला अस्पताल