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कलाकारों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान : राज्यपाल

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यूपी दिवस समारोह में प्रस्तुति देते कलाकार।
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लखनऊ। अवध शिल्पग्राम में यूपी दिवस समारोह के समापन अवसर पर तीसरे दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कला, संस्कृति, साहित्य, नाट्य, खेल और बौद्ध व जैन दर्शन के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मानित किया। कवि सम्मेलन भी हुआ। इस दौरान लोकगीतों के साथ बॉलीवुड गानों का तड़का भी लगा।
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इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि कलाकारों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान है। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। गाजीपुर से आईं कृष्णा यादव व प्रवेश यादव की टीम ने हम आजादी के गोदनवा गोदाइब सखिया... और हमरा यूपी के जवाब नइखे... से माहौल को देशभक्ति से भर दिया। लखनऊ की जूही कुमारी व प्रीति सिंह, सोनभद्र की सुरतिया टीम, बनारस की सरोज वर्मा और भोजपुरी गायिका हिना मौर्या ने प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। इस दौरान प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर एम बोबड़े, प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश मेश्राम आदि मौजूद रहे।
दास्तानगोई के साथ कवियों ने भी भरा जोश
हिमांशु बाजपेई ने दास्तान-ए-काकोरी सुनाकर देशभक्ति का जज्बा भरा तो वहीं देर शाम उस्ताद शखावत हुसैन ने अपनी गजलों से खूब तालियां बटोरीं। कवि सम्मेलन में वरिष्ठ कवि डॉ. हरिओम पवार, गजेंद्र सोलंकी ने अपनी रचनाओं से खूब जोश भरा। वरिष्ठ कवि अशोक चक्रधर ने तिरंगे के प्रति आस्था को केंद्र में रखकर कविता सुनाई। गुरु सक्सेना ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया।
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