राजनाथ सिंह ने देश के पहले यूथ आइकन स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस देश की सर्वाधिक जनसंख्या लगभग 80-85 करोड़ युवाओं की है। नौजवान चरित्र, मूल्यों को और संस्कृति-परंपरा को आगे बढ़ाने का भी काम करें। तभी भारत दोबारा विश्व गुरू बनेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी के समय जीडीपी 3.5 से बढ़कर 8.4 तक पहुंची थी।
भारत आज भी देश की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। युवा इस विकास के संवाहक बनें। युवा सिर्फ रोजगार तक सीमित न रहें। उन्हें अपने अंदर ज्ञान, शील, एकता का भी समावेश करना होगा। हमें राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध होना होगा। इस अवसर पर उन्होंने एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के प्रस्ताव पर आईईटी सभागार (जिसमें कार्यक्रम हो रहा था) का नामकरण राम प्रसाद बिस्मिल के नाम पर किया।