शहर में होली का धमाल बुधवार रात से होलिका दहन के साथ शुरू हो जाएगा तो अगले दिन गली, कूचों, मोहल्लों और कॉलोनियों में रंग चलेगा। होलिका दहन बुधवार को रात 8:12 बजे बाद होगा। पूर्णिमा का मान सुबह 9:19 बजे से शुरू हो जाएगा, वहीं रात 8:12 बजे भद्रा की समाप्ति हो जाएगी। ऐसे में होलिका दहन का रात 8:12 बजे बाद करना उत्तम है। इससे पूर्व सूर्यास्त के बाद शहर के तमाम चौराहों पर होलिका की परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना होगी। होलिका दहन के अगले दिन रंग खेला जाएगा। चौक में होरियारों का जुलूस, बारातें निकलेंगी तो शहरियों की टोली कई क्विंटल फूलों की होली खेलेंगी। उधर, मनकामेश्वर उपवन घाट पर आतंकवाद की होलिका दहन होगा। दहन से पहले मलिन बस्ती के बच्चों को पिचकारी और रंग बांटे जाएंगे। उसके बाद मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन होगा।
सुबह 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगा पूर्णिमा का मान
आचार्य प्रदीप ने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार होलिका दहन करने की तीन प्रमुख शर्तें होती है। पहली पूर्णिमा की तिथि हो, दूसरा रात का समय हो और तीसरा भद्रा बीत चुकी हो। इस हिसाब से बधुवार की रात 8:12 बजे के बाद होलिका दहन करना श्रेयस्कर रहेगा। बुधवार को सुबह 9:19 बजे से पूर्णिमा का मान शुरू हो जाएगा जबकि भद्रा रात 8:12 बजे तक रहेगी। इसलिये उसी के बाद होलिका दहन करना उत्तम है।