शबद कीर्तन और संगत के साथ गुरुद्वारे में मना होला-महल्ला
लखनऊ। यहियागंज स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में बुधवार को होला-महल्ला का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्री दरबार साहिब अमृतसर से आए भाई हरभेज सिंह वडाला और पटियाला से आए भाई प्रिंसपाल सिंह ने गुरुबाणी के मधुर शबद कीर्तन से संगत को भाव-विभोर कर दिया। होला-महल्ला सिख परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसकी शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों में वीरता और साहस का भाव जगाने के लिए की थी। इतिहास के अनुसार वर्ष 1701 में आनंदपुर साहिब के निकट खुले मैदान में सिखों को एकत्र कर घुड़सवारी, नेजाबाजी, तलवारबाजी, गतका और कुश्ती जैसे युद्ध कौशल के मुकाबले कराए गए थे। गुरुद्वारा सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने बताया कि कार्यक्रम का संयोजन डॉ. गुरमीत सिंह ने किया।