HMPV Cases In UP: नाका की रहने बुजुर्ग महिला को पिछले तीन दिन तक दो निजी अस्पताल में भर्ती रही। इसमें एक अस्पताल ने एचएमपीवी पॉजिटिव की रिपोर्ट थमाई। मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दिया। महिला मरीज को वहां से दूसरे निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पर डॉक्टर उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी हुई। टीम ने बलरामपुर अस्पताल पहुंचकर छानबीन किया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है नए वॉयरस की जांच रिपोर्ट मरीज को देने मामले में संबंधित अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है।
केजीएमयू माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. अमिता जैन ने बताया एचएमपीवी वॉयरस की जांच आरटीपीसीआर विधि से होगी। इसकी किट व रीजेंट अलग है। बताया संस्थान में किट व रीजेंट के इंतजाम कर लिए गए हैं। बताया कोविड आरटीपीसीआर की जांच व रीजेंट अलग होता है। बताया दोनों वॉयरस के लिए अलग-अलग किट व रीजेंट की जरूरत हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है महिला के परिजन संग उनके संपर्क में आए लोगों की सूची बनाई जा रही है। इसके लिए टीमे बनाई गई है। टीम परिजनों के संपर्क में आए लोगों का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। बताया इस वॉयरस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
केजीएमयू -पीजीआई में एचएमपीवी वॉयरस की जांच होगी। इसकी तैयारी पूरी कर ली है। शासन के निर्देश बाद जांच की सुविधा दोनों संस्थानों में होगी। एचएमपीवी के लक्षण वाले मरीजों के लार जांच से वायरस की पहचान की जा सकेगी। 24 से 72 घंटे में नमूनों की जांच पूरी होगी। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एचएमपीवी वायरस की जांच होगी। प्रदेश भर से आने वाले नमूनों की जांच यहां संभव होगी। उधर, पीजीआई के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एचएमपीवी जांच हो सकेगी। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीज का नमूना सीएमओ के माध्यम से केजीएमयू व पीजीआई भेजा जाएगा। जांच पूरी तरह से निशुल्क होगी। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, एचएमपीवी से निपटने की तैयारी पूरी है। केजीएमयू व पीजीआई में जांच की सुविधा है। ह संक्रमण पांच से सात दिन में ठीक हो जाता है।