गणेश चतुर्थी पर कानपुर के सिद्धि विनायक मंदिर के आस-पास विस्फोट की साजिश में गिरफ्तार हुए हिजबुल आतंकी कमरुज्जमा के निशाने पर लखनऊ व मेरठ भी थे। पर, इन जगहों पर कब और क्या किया जाना था यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। दूसरी तरफ इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, एनआईए ने इस बाबत अभी कोई औपचारिक कदम नहीं उठाया है।
इस बीच, एटीएस ने कमरुज्जमा के उन दो साथियों की तलाश तेज कर दी है जो कानपुर योजना में उसके साथ वहां मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि कमरुज्जमा के दोनों साथियों के नाम-पता चल चुके हैं पर इन्हें अभी गोपनीय रखा जा रहा है। एटीएस को इन दोनों के बारे में कुछ और ठोस जानकारी मिली है। इसके आधार पर उनकी गुपचुप तलाश चल रही है।