लखनऊ के मड़ियांव में पुरानी रंजिश को लेकर हिस्ट्रीशीटर दोस्त मोहम्मद ने बेटे के साथ मिलकर एक युवक को खंभा पकड़ाकर पुलिसिया अंदाज में जमकर पीटा। पिटाई से युवक बेहोश हो गया। पीड़ित के परिवारीजनों का आरोप है कि थाने फरियाद लेकर पहुंचे तो वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने आरोपियों का ही पक्ष लिया।
उनकी तहरीर फाड़ दी। इसके बाद घायल युवक को ही शांतिभंग में जेल भेज दिया। पीड़ित के परिवारीजनों सोमवार को एसएसपी कार्यालय में गुहार लगाई। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मड़ियांव को फटकारा तो मुकदमा दर्ज किया गया।
मड़ियांव के बड़ा-खोदान रहीमनगर डुड़ौली निवासी मो. जमील के मुताबिक, मोहिबुल्लापुर निवासी दोस्त मोहम्मद से उनकी पुरानी रंजिश है। दोस्त मोहम्मद मड़ियांव थाने का हिस्ट्रीशीटर है। 26 दिसंबर की रात 9 बजे वह घर जा रहा था। तभी बड़ा-खोदान के पास आरोपी दोस्त मोहम्मद ने बेटे गौस मोहम्मद व जहीर, जुनैद समेत 10 अज्ञात के साथ उसे रोक लिया।
कार का शीशा तोड़ने का झूठा आरोप लगाकर उनसे गाली-गलौज करने लगा। विरोध पर आरोपियों ने खंभे से सटाकर दो लोगों ने उसके हाथ पकड़ लिए। इसके बाद दोस्त मोहम्मद व उनके बेटे समेत अन्य ने लोहे के रॉड व डंडों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। पिटाई से पीड़ित बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिवारीजन उसे लेकर मड़ियांव थाने गए।
इंस्पेक्टर ने बदलवाई तहरीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित जमील ने सोमवार को परिवारीजनों संग एसएसपी कलानिधि नैथानी से मुलाकात की। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मड़ियांव को फटकार लगाते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। पीड़ित का आरोप है कि मड़ियांव इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह ने तहरीर बदलवा दी।
जमील ने तहरीर में एसएसआई मो. अहमद सिद्दीकी का नाम दिया था। जिसे इंस्पेक्टर ने हटवा दिया। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया। हालांकि मड़ियांव इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह के मुताबिक, रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
पीड़ित के मुताबिक, वह परिवारीजनों के साथ थाने पहुंचा। आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। जिस पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक मो. अहमद सिद्दीकी ने आरोपियों का पक्ष लिया। उसकी तहरीर फाड़ दी। यहीं नहीं घायल जमील का मेडिकल परीक्षण कराने के बजाए उसे हवालात में डाल दिया। रात में हवालात शांतिभंग की धारा में रहा। कचहरी से सोमवार सुबह निजी मुचलके पर रिहा हुआ।