लखनऊ। केजीएमयू में कथित धर्मांतरण प्रयास के मामले को लेकर कई हिंदू संगठन सोमवार को एकजुट हो गए। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केजीएमयू परिसर में घुसकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ऐतिहासिक ब्राउन हॉल तक पहुंच गए और वहीं नारेबाजी की। केजीएमयू प्रशासन के अधिकारी हॉल में पहुंचे तो उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया गया। यह पहला मौका था जब किसी संगठन ने ब्राउन हॉल में प्रदर्शन किया।
घटना दोपहर करीब एक बजे की है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए केजीएमयू में दाखिल हुए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें ब्राउन हॉल में जाने से रोका, जिस पर हंगामा बढ़ गया। विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री समरेंद्र ने अधिकारियों पर धर्मांतरण के आरोपी पुरुष रेजिडेंट को बचाने के आरोप लगाए और कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद से वार्ता की मांग की। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
कुलपति व अन्य अधिकारी ब्राउन हॉल पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उनका घेराव कर लिया और बाहर जाने से रोक दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। डीन पैरामेडिकल व प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने स्थिति संभाली। बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने के बाद हालात काबू में आए। कुलपति ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जांच में दोषी पाए जाने पर रेजिडेंट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
-
करणी सेना ने भी किया प्रदर्शन
केजीएमयू के बाहर छत्रपति शाहूजी महाराज की प्रतिमा के पास करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पदाधिकारी ठाकुर आशीष सिंह के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। ठाकुर आशीष ने कहा कि हिंदू रेजिडेंट को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन करते हिंदूवादी संगठन।
प्रदर्शन करते हिंदूवादी संगठन।