यूपी पुलिस के ‘एंटी रोमियो’ अभियान के नाम को लेकर दायर याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रोचक टिप्पणी में कहा कि रोमियो का एक समर्पित और निष्ठावान चरित्र है।
एक ईमानदार उद्देश्य के लिए बनी स्क्वॉयड का नाम रोमियो पर होता है तो इसे साहित्य के प्रति किसी अपराध की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
अदालत ने कहा, जिन्होंने शेक्सपीयर का ‘रोमियो एंड जूलियट’ पढ़ा है, वे भी अक्सर भूल जाते हैं कि इसमें नाम के लिए भी कुछ कहा गया है। एक्ट-2 सीन-2 में लेखक कहता है- ‘नाम में क्या है? गुलाब को किसी और नाम से पुकारें, तब भी उसकी सुगंध वैसी ही मीठी रहेगी।’
जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस संजय हरकौली ने अपने फैसले में कहा कि स्क्वॉयड का मकसद महिलाओं, लड़कियों को शोषण से बचाना है। घटनाओं को अपराध में बदलने से रोकना है, जो समाज की शांति भंग कर सकती हैं।
स्क्वॉयड को अट्रैक्टिव बनाने के लिए लिया नाम
सरकार ने रोमियो नाम का उपयोग स्क्वॉयड को अट्रैक्टिव बनाने के लिए किया है, ताकि लोगों का ध्यान खींचा जा सके। ऐसे शब्दों का उपयोग प्रभाव डालने के लिए किया जाता है।
यह किसी तरह का धोखा देने के लिए नहीं है, एक लोकप्रिय नाम का उपयोग है जो लोगों की जुबां पर आसानी से आ जाए। एक सम्मानित नाम का अनुपयुक्त इस्तेमाल हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं हो सकता कि यह किसी संस्कृति या सभ्यता को गलत ढंग से पेश करने के लिए किया गया है।
ये प्रिवेंटिव पुलिसिंग है... ईव-टीजर नहीं था रोमियो
अदालत ने कहा, सरकार ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ के विचार के साथ काम करना चाहती है ताकि लड़कियों से छेड़छाड़ रोकी जा सके। ये छेड़छाड़ की घटनाएं ऐसे शैक्षिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों के आसपास होती हैं जो लड़कियों के लिए हों।
पुलिस उनके लिए पैदा होने वाली खराब स्थितियों को रोकने का प्रयास कर रही है। सरकार और पुलिस रोमियो के किरदार को नकारात्मक नहीं बना रही है, न ही वह कोई ईव-टीजर था।
शेक्सपीयर से पहले आ चुका था रोमियो
हाईकोर्ट ने कहा, जहां तक स्क्वॉयड के नाम का मामला है, याचिकाकर्ता ऋतुराज मिश्रा के लिए यह उपयुक्त होता कि किसी तरह की आलोचना करने से पहले साहित्य को गहराई से पढ़ते।
शेक्सपीयर के लिए लिखे नाटक रोमियो एंड जूलियट का दुनिया भर में मंचन होता है। अंग्रेजी साहित्य में कई बड़े संस्थानों में इसका अध्ययन होता रहा है।
अपने निर्णय में रोमियो के किरदार पर और प्रकाश डालते हुए हाईकोर्ट ने कहा- ‘कम ही लोग जानते हैं कि रोमियो एंड जूलियट की रोमांटिक थीम 1497 में इटली के वेरोना शहर में उपजी एक कहानी से ली गई है। शेक्सपीयर के नाटक लिखे जाने से पहले ही इस कहानी पर कई कविताएं और छोटी कहानियां लिखी जा चुकी थीं।’