दरोगा भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने सूबे की सिविल पुलिस में दरोगा और प्लाटून कमांडर के पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2011 में जारी चयन प्रक्रिया रद्द कर दी है।
कोर्ट ने लिखित परीक्षा फिर से कराकर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि दरोगा के 4010 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन 2015 में हो चुका था। उनकी ट्रेनिंग चल रही है। कोर्ट ने चयन के लिए पहले कराई गई लिखित परीक्षा और बाद की पूरी प्रक्रिया ही रद्द कर दी है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय ने अभिषेक कुमार सिंह व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर बुधवार को यह फैसला सुनाया। याचियों के अधिवक्ता विधु भूषण कालिया के मुताबिक याचिका में आरोप लगाया गया था कि उक्त चयन में पात्र अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। राज्य सरकार ने कोर्ट में इस याचिका का विरोध किया।