कल्याण सिंह कैंसर संस्थान मंगा रहा मशीन।
लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में अगले साल से हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (हाईपैक सर्जरी) शुरू हो जाएगी। इसमें सर्जरी के बाद पेट के अंदर गर्म कीमोथेरेपी घोल को प्रसारित करके बची हुई कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इससे कैंसर की बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है।
संस्थान के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग में हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी मशीन की खरीद को मंजूरी मिल गई है। अगले महीने तक यह सर्जरी आ जाएगी और जनवरी में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पेट, बड़ी आंत, अंडाशय और पेट के भीतरी सतह में होने वाले कैंसर के मामलों में सर्जरी के बावजूद उसकी कोशिकाएं बच जाती हैं। इन बची हुई कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए इलेक्ट्रो कीमोथेरेपी की जाती है। साधारण कीमो ग्लूकोज के माध्यम से चढ़ाई जाती है। इसका शरीर के विभिन्न अंगों पर दुष्प्रभाव भी होता है।
वहीं, इलेक्ट्रो कीमोथेरेपी मशीन के माध्यम से दी जाने वाली कीमोथेरेपी में दवाई को शरीर के तापमान से कुछ डिग्री ज्यादा गर्म कर शरीर में डाला जाता है। इसके बाद यह दवाई बाहर निकाल ली जाती है। एक तरह से इसके माध्यम से पेट के भीतरी हिस्से को पूरी तरह से धो दिया जाता है। दवाई के साथ कैंसर की कोशिकाएं भी बाहर आ जाती हैं। अभी तक यह प्रक्रिया सिर्फ केजीएमयू और लोहिया संस्थान में ही है। अब इसका लाभ कैंसर संस्थान में भी मिलने लगेगा।