लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में प्रो. बोनो क्लब की ओर से ‘न्याय तक पहुंच की पुनर्कल्पना: वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र और प्रो. बोनो विधिक सेवाओं की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को आयोजित किया गया। इस दौरान शोध कार्यों की सराहना करते हुए 36 टीमों में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी दिल्ली के उज्ज्वल सिंह और विदुषी चित्रावंशी को भी सम्मानित किया गया। प्रो. आलोक कुमार यादव ने वर्तमान कानूनी व्यवस्था की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (लखनऊ पीठ) के न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने न्याय तक सुलभ पहुंच, कानूनी नैतिकता और युवा कानूनविदों की जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति अमर पाल सिंह, प्रदेश के अपर महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता व अपर महाधिवक्ता प्रीतिश कुमार, एडवोकेट देश दीपक सिंह, डॉ. तरुण सक्सेना ने भाग लिया।