यूपी में राष्ट्रीय राजमार्गों की बाधाएं अब आसानी से दूर हो सकेंगी। इनसे संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें उन विभागों के प्रमुख सचिवों को भी रखा गया है, जिनसे संबंधित एनओसी इन सड़क परियोजनाओं के लिए दी जानी हैं।
इस मुद्दे को 27 जून और दो जुलाई के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। हाई लेवल कमेटी के गठन के बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से प्रदेश में बड़े पैमाने पर राजमार्ग बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसलिए जरूरी है कि परियोजनाओं के निर्माण से पूर्व आने वाली बाधाओं एवं समस्याओं का समय रहते समाधान कर लिया जाए। इससे परियोजना पूरी किए जाने में निर्धारित समयसीमा का पालन हो सके।
उच्चस्तरीय कमेटी में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग व ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव और प्रमुख मुख्य वन संरक्षक बतौर सदस्य शामिल होंगे। प्रकरण के अन्य विभागों से संबंधित होने की स्थिति में उन विभागों के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव को भी बैठकों में हिस्सा लेने के लिए बुलाया जाएगा। विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग और मुख्य अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग), लोक निर्माण विभाग बैठकों का समन्वय करेंगे और वे ही कार्यवृत्त भी जारी करेंगे।