हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मनाही के बावजूद प्रदेश के सरकारी अस्पतालों समेत केजीएमयू के कुछ डॉक्टरों द्वारा धड़ल्ले से प्राइवेट प्रैक्टिस करने के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है।
अदालत ने प्रमुख सचिव चिकित्सा-स्वास्थ्य को शिकायतों की जांच करवाने और प्राइवेट प्रैक्टिस की बात सही पाए जाने पर छह माह में इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने केजीएमयू के कुलपति को भी निर्देश दिया कि वे अपने यहां के कुछ डॉक्टरों के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतों का परीक्षण कर कानूनी कार्रवाई करें।