फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शादी के 30 साल बाद तलाक की अर्जी, कोर्ट ने वैलेंटाइन डे पर समझौते के लिए बुलाया

Mon, 13 Feb 2017 10:49 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो प‌िक
विज्ञापन
तीन दशक के वैवाहिक जीवन के बाद महिला की तलाक की अर्जी को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेहद निराश करने वाला बताया। अदालत ने कहा, भारत जैसे देश में विवाह के तीस साल से ज्यादा बीतने के बाद गुस्से में तलाक के लिए अर्जी देना दिल तोड़ने वाला है। 
विज्ञापन


अदालत ने वैलेंटाइन डे पर दंपती को हाईकोर्ट के मध्यस्थता और समझौता केंद्र आमंत्रित किया है, जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ रिश्ते को टूटने से बचाने का प्रयास किया जाएगा। तलाक की यह अर्जी पियु कुंडू ने दायर की थी। 

जस्टिस शबीहुल हसनैन और जस्टिस अनंत कुमार ने कहा कि मामले को मेरिट पर सुनने से पहले हम यह कहना चाहेंगे कि पियु की उम्र 50 वर्ष और पति की उम्र 62 वर्ष है। यह विवाह करीब 30 वर्ष चल चुका है। भारत जैसे देश में तीन दशक के विवाह के बाद भी ऐसे गुस्से में तलाक चाहने के मामले देखना बेहद निराशाजनक है। 
विज्ञापन


यह भी सामने आया है कि मौजूदा मामले में दोनों पक्षों के बीच कई केस लगाए गए हैं। दोनों के इस विवाह से दो बच्चे हैं जो बड़े हो चुके हैं। अदालत की नजरों में यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी अगर ऐसे मामलों को जिनकी वजह से विवाह टूटने की नौबत आए, उन्हें दोनों पक्ष मिलकर सुलझाने और संभालने का प्रयास न करें।
 
विज्ञापन

14 फरवरी को बुलाया

डेमो प‌िक
अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे मध्यस्थता और समझौता केंद्र पर दोनों को लेकर आएं जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ मामले को देख सकेंगे। हाल में लखनऊ में आयोजित न्यायिक अधिकारियों की कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं और अधिकारियों को आपस में मुकदमे लड़ रही पार्टियों के बीच मध्यस्थता बढ़ाने और स्वीकार्य सेटलमेंट पर आने का निवेदन किया गया था। मौजूदा मामला इसके लिए फिट केस है।

हाईकोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता और समझौता केंद्र पर दोनों पक्ष 14 फरवरी को पहुंचेंगे। वहीं पांच हजार रुपये इसके लिए दोनों पार्टियां देंगी। 50 से अधिक मध्यस्थता कर चुके पंकज खरे इस मामले के लिए नियुक्त किए गए हैं। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज करवाए वैवाहिक विवाद के मामले फिलहाल टाले जाएंगे। वहीं कोर्ट में मध्यस्थता रिपोर्ट आने के साथ एक महीने बाद सुनवाई होगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें