इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश में सुरक्षाकर्मियों के दुरुपयोग पर काफी कड़ा रुख अख्तियार किया है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से बिना सुरक्षा समिति की संस्तुति के प्रदान की गई सभी सुरक्षा हटाने के आदेश दिए हैं।
इतना ही नहीं, राज्य सरकार को उन सभी लोगों की सूची भी प्रदान करने के आदेश दिए हैं जिन्हें राज्य सरकार ने आपराधिक इतिहास के बावजूद सुरक्षा दी हुई है।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर द्वारा दायर की गई जनहित याचिका में जस्टिस इम्तियाज़ मुर्तजा और जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने उन लोगों की सूची भी मांगी है, जिन्होंने सुरक्षा भी ले रखी है और उनके पास लाइसेंसी असलहे भी हैं।
कोर्ट ने ये सभी सूचनाएं तीन सप्ताह में दिए जाने का आदेश किया है। मामले में अगली सुनवाई की तिथि दो दिसंबर निर्धारित की गयी है।
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