लखनऊ। हाईकोर्ट ने यूपी आवास एवं विकास परिषद की ओर से नगर निगम को 47 करोड़ रुपये न देने के मामले में आवास आयुक्त को 12 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर नगर निगम को यह देय धनराशि 12 अगस्त से पहले जारी कर दी जाए तो आवास आयुक्त को पेश नहीं होना होगा।
न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश वृंदावन जनकल्याण विकास समिति की याचिका पर दिया। सुनवाई के समय नगर निगम के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आवास एवं विकास परिषद को वृंदावन काॅलोनी नगर निगम को हस्तांतरित करते समय 47 करोड़ रुपये देने थे। इसमें से सिर्फ सात करोड़ रुपये ही दिए गए हैं। कई अनुस्मारक भेजने के बावजूद भी बाकी धनराशि नहीं दी गई। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।